हम ने पाला मुद्दतों पहलू में हम कोई नहीं
तुम ने देखा इक नज़र से दिल तुम्हारा हो गया
I nurtured it for ages but, it was nought to me
you saw it but a moment and it was your property
अमीरुल्लाह तस्लीम
ज़माने से निराला है उरूस-ए-फ़िक्र का जौबन
जवाँ होती है ऐ 'तस्लीम' जब ये पीर होती है
अमीरुल्लाह तस्लीम
तड़पती देखता हूँ जब कोई शय
उठा लेता हूँ अपना दिल समझ कर
अमीरुल्लाह तस्लीम
सुब्ह होती है शाम होती है
उम्र यूँही तमाम होती है
अमीरुल्लाह तस्लीम
नासेह ख़ता मुआफ़ सुनें क्या बहार में
हम इख़्तियार में हैं न दिल इख़्तियार में
अमीरुल्लाह तस्लीम
क्या ख़बर मुझ को ख़िज़ाँ क्या चीज़ है कैसी बहार
आँखें खोलीं आ के मैं ने ख़ाना-ए-सय्याद में
अमीरुल्लाह तस्लीम
कीजिए ऐसा जहाँ पैदा जहाँ कोई न हो
ज़र्रा-ओ-अख़तर ज़मीन-ओ-आसमाँ कोई न हो
अमीरुल्लाह तस्लीम
ख़ाली सही बला से तसल्ली तो दिल को हो
रहने दो सामने मिरे साग़र शराब का
अमीरुल्लाह तस्लीम
जाने दे सब्र ओ क़रार ओ होश को
तू कहाँ ऐ बे-क़रारी जाएगी
अमीरुल्लाह तस्लीम

