हिमालिया की बुलंद चोटी पे
बर्फ़ के एक सुबुक मकाँ में
बुझी हुई मिश्अलों का जल्सा
अज़ीम और आलमी मसाइल पे
एक हफ़्ते से हो रहा है
सिफ़्र तलक दर्जा-ए-हरारत पहुँच चुका है
मज़ीद तफ़्सील राज़ में है
नज़्म
पहले सफ़्हे की पहली सुर्ख़ी
शहरयार
नज़्म
शहरयार
हिमालिया की बुलंद चोटी पे
बर्फ़ के एक सुबुक मकाँ में
बुझी हुई मिश्अलों का जल्सा
अज़ीम और आलमी मसाइल पे
एक हफ़्ते से हो रहा है
सिफ़्र तलक दर्जा-ए-हरारत पहुँच चुका है
मज़ीद तफ़्सील राज़ में है