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निस्यान का फ़रिश्ता | शाही शायरी
nisyan ka farishta

नज़्म

निस्यान का फ़रिश्ता

सरवत हुसैन

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निस्यान के फ़रिश्ते
वो याद महव कर दे

दिल की तह में जो मेरे
काँटा बनी हुई है