EN اردو
पेपर-वेट | शाही शायरी
paper-weight

नज़्म

पेपर-वेट

सरवत हुसैन

;

पेपर-वेट
ठोस शीशे का बना हुआ है

जिस के अंदर
फूल हैं

जैसे समुंदर की तह में
खिलते हैं

आठ जल-परियाँ हैं
जो रक़्स कर रही हैं

पेपर-वेट
इस लिए है कि

काग़ज़ को हवा की ज़द से महफ़ूज़ रखे
पेपर-वेट

एक सय्यारा है
जिस में लोग रहते बस्ते हैं

लेकिन पेपर-वेट इन सब बातों से बे-ख़बर है
उसे तो सिर्फ़

शाएरी की आँख ने ज़िंदगी दी
और मार दिया