EN اردو
देर लगी आने में तुम को शुक्र है फिर भी आए तो | शाही शायरी
der lagi aane mein tumko shukr hai phir bhi aae to

ग़ज़ल

देर लगी आने में तुम को शुक्र है फिर भी आए तो

अंदलीब शादानी

;

देर लगी आने में तुम को शुक्र है फिर भी आए तो
आस ने दिल का साथ न छोड़ा वैसे हम घबराए तो

Am grateful you came finally, though you were delayed
hope had not forsaken me, though must say was afraid

शफ़क़ धनक महताब घटाएँ तारे नग़्मे बिजली फूल
इस दामन में क्या क्या कुछ है दामन हाथ में आए तो

twilight, arc, moon, winds and stars, songs lightning flowers untold
what all her vestment does contain if only I could hold

चाहत के बदले में हम तो बेच दें अपनी मर्ज़ी तक
कोई मिले तो दिल का गाहक कोई हमें अपनाए तो

in exchange for love I'd trade my freedom I confess
if a buyer could be found who would my heart possess

क्यूँ ये मेहर-अंगेज़ तबस्सुम मद्द-ए-नज़र जब कुछ भी नहीं
हाए कोई अंजान अगर इस धोके में आ जाए तो

if you harbour no intent, then why this sunlit glance
what if some unknowning soul is led astray perchance

सुनी-सुनाई बात नहीं ये अपने उपर बीती है
फूल निकलते हैं शो'लों से चाहत आग लगाए तो

its not merely hearsay 'tis something I have seen
flowers bloom in midst of flames, let love light the scene

झूट है सब तारीख़ हमेशा अपने को दोहराती है
अच्छा मेरा ख़्वाब-ए-जवानी थोड़ा सा दोहराए तो

that history doth repeat itself has no shred of truth
if it does so let it then return to me my youth

नादानी और मजबूरी में यारो कुछ तो फ़र्क़ करो
इक बे-बस इंसान करे क्या टूट के दिल आ जाए तो

tween innocence and helplessness, distinction friends should make
what should a helpless man do if, in love his heart should break